दिल्ली में अभिजीत दीपके पर फेंकी स्याही: जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, महीने भर पहले हुए जयपुर थप्पड़ कांड की यादें हुईं ताजा



जयपुर (राजस्थान): देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी और हंगामा मच गया, जब एक महिला ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और युवा नेता अभिजीत दीपके पर सरेआम स्याही फेंक दी। यह घटना उस वक्त हुई जब दीपके पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणालियों में सुधार की मांगों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में मंच से समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। दिल्ली की इस घटना ने ठीक एक महीने पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में घटित हुए 'थप्पड़ कांड' की यादें ताजा कर दी हैं। गौरतलब है कि 15 जून को जब अभिजीत दीपके जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचे थे, तब भी उन पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसक हमला किया गया था।

जयपुर के शहीद स्मारक पर 15 जून को आयोजित प्रदर्शन के दौरान जैसे ही दीपके पहुंचे, उत्साहित समर्थकों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया था। इसी बीच भीड़ में शामिल 5 से 6 अज्ञात बदमाशों ने उनके गले का स्कार्फ खींचकर उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की और सरेआम उन्हें कई थप्पड़ जड़ दिए थे। उस समय जयपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया था। उस हमले के बाद दीपके ने एक बेहद परिपक्व बयान देते हुए कहा था, "मेरे ऊपर हुआ हमला देश में बढ़ती बेरोजगारी का नतीजा है। अगर उन युवाओं के पास रोजगार होता, तो वे चंद रुपयों के लालच में ऐसा कदम कभी नहीं उठाते।"

शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर माहौल सुबह से ही बेहद संवेदनशील था, क्योंकि भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने तड़के जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। इसी के विरोध में जब सीजेपी कार्यकर्ता एकत्रित हुए और अभिजीत दीपके ने मंच संभाला, तभी उन पर यह स्याही हमला (Ink Attack) हुआ। इस घटना की खबर मिलते ही जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के छात्र संगठनों में भारी उबाल आ गया है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि राजस्थान और दिल्ली दोनों ही जगहों पर हुए ये हमले पीड़ित छात्रों की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश हैं, लेकिन उनका यह राष्ट्रव्यापी अभियान पूरी मजबूती से जारी रहेगा।



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