पटना: बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर 'श्रावणी मेला 2026' को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए बिहार पर्यटन विभाग (Bihar Tourism) ने एक बेहद शानदार पहल की है। विभाग ने देश भर के सोशल मीडिया क्रिएटर्स, व्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक राष्ट्रव्यापी वीडियो-मेकिंग प्रतियोगिता (Nationwide Video-Making Contest) की शुरुआत की है। इस अनूठी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य कांवड़िया परंपरा, सुल्तानगंज से देवघर के पैदल मार्ग और श्रावणी मेले की दिव्य आध्यात्मिक छटा को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाना है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष प्रतियोगिता का नाम "श्रावणी मेला 2026: एन इन्फ्लुएंसर्स पर्सपेक्टिव" रखा गया है, जिसमें विजेताओं के लिए भारी-भरकम नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी नियमों के मुताबिक, प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुछ कड़े और जरूरी मानदंड तय किए गए हैं। इस कांटेस्ट में केवल वही क्रिएटर्स हिस्सा ले सकते हैं जिनके फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब (YouTube) को मिलाकर न्यूनतम (Minimum) 25,000 फॉलोअर्स हैं। इसके साथ ही आवेदक का भारतीय नागरिक होना और उम्र 18 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। प्रतियोगिता के तहत तैयार किए जाने वाले वीडियो या रील्स की अवधि 30 सेकंड से 2 मिनट के बीच होनी चाहिए, जो पूरी तरह से श्रावणी मेले की गतिविधियों और मुंगेर, बांका व भागलपुर जिलों से गुजरने वाले कांवड़िया रूट पर केंद्रित होनी चाहिए। विभाग ने विजेताओं के लिए कुल ₹7.75 लाख के नकद पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसमें पहला स्थान पाने वाले क्रिएटर को ₹3 लाख, दूसरे स्थान पर ₹2 लाख, तीसरे स्थान पर ₹1 लाख, चौथे स्थान पर रहने वाले दो विजेताओं को ₹50,000-₹50,000 तथा पांच भाग्यशाली लोगों को ₹25,000-₹25,000 का सांत्वना पुरस्कार (Consolation Prize) दिया जाएगा।
टाइमलाइन की बात करें तो इस साल श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागियों को पहली सोमवारी (3 अगस्त 2026) के बाद अपने बनाए वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना होगा। इसके बाद, दूसरी सोमवारी के दो दिनों के भीतर विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल पर इसे अपलोड करना होगा, जिसकी अंतिम तिथि 13 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि वीडियो पूरी तरह से ओरिजिनल, एचडी क्वालिटी (HD Quality) में जियो-टैग्ड होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का वॉटरमार्क या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, और ऐसा पाए जाने पर प्रविष्टि को तुरंत अमान्य (Disqualify) कर दिया जाएगा। विजेताओं का अंतिम चयन विभाग की विशेष जूरी और सोशल मीडिया पर 45 दिनों के भीतर मिलने वाले रीच, लाइक्स और शेयर्स के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा।